छूने की चाहत चाँद को पर हाथ नहीं जाता
गेसुओं पे उसके सोने का यूँ दिन नहीं आता
बड़ी ही कश़्मकश़ में है जिन्दगी अपनी यारों
गम ए जुदाई का यूँ ही जहर पीया नहीं जाता
गुरुवार, 4 अक्टूबर 2018
नहीं जाता
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