शनिवार, 30 नवंबर 2019

बेटी की शिक्षा

खूब पढ़ायें हम सभी,कर बेटी पर नाज।
उड़ने दें फिर व्योम में,लेकर नव परवाज।।

लेकर नव परवाज,दोष मिथ्या दूर हटायें।
सख्त बड़ा कानून,सभी को यह समझायें।


कह तोषन कविराज,पढ़े सबकी बालायें।।
बेटी होती नाज,जान के खूब पढ़ायें।।

मानवता

मानवता ध्यान रहे,
                जरा न गुमान रहे,
तालियां मिलेगी सदा,
                सारे हिन्दुस्तान में।।१।।

नेकी कर आगे बढ़,
               बाधाओं से नित लड़,
डर भर जाये सारे, 
               जागते शैतान में।।२।।

नरेन्द्र विवेक बने,
              शिकागो मे जाके तने,
पाठ दिया मानवता,
              जाकर जहान में।।३।।

हम सब मिल साथी,
              बाँध चले परिपाटी,
कुसुम अनेक खिले,
              नेह के बागान में।।४।।

तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगंइहा, डौंडी लोहारा

आसुरी प्रवृत्ति


समसामयिक रचना

अपने भारत  देश मे  देखो,
कानून भले कितने भी बड़े।
कैसे  बचेंगी  बेटी भँवर से ,
दानव पग -पग जो है खड़े।।१।।

देख  तेरे  संसार  में  दाता,
दुखदायिनी है घटना घटती।
शील संरक्षण खातिर औरत,
कहाँ कहाँ  रहती भटकती।।२।।

दारू गाँजा के नशेड़ी सारे,
बेटी की अस्मत लगे लूटने।
लगता ऐसा अब न्याय की,
तर तर लगे है पछीने छुटने।।३।।

कितनी बेटियां है झौंकी गई,
बुराईयों की भड़की आग में।
कब तक आतंकित रहे यहाँ,
लगे मरहम  कब  ये दाग में।।४।।

बेटी  माता बहू  रक्षा  खातिर,
आखिर जायें तो जायें कहाँ।
अंत कब होगा अत्याचार का,
तोषन का हृदय थर्राये  यहाँ।।५।।

✒✒✒✒✒
तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगंइहा, डौंडी लोहारा

बुधवार, 6 नवंबर 2019

गीत राम के.गावव

समीक्षार्थ


सार छंद

गीत राम के गावव संगी,पियो राम के प्याला।
उठत राम के सुरता आथे,मोर राम रखवाला।।
राम बताही सबला रद्दा,चरन माँथ टेकावव।
बिना राम जिनगी हे बिरथा,नेति नेति गुन गावव।।

तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगंइहा,डौंडी लोहारा

खोपा के गजरा

समीक्षार्थ

सरसी छंद

खोपा के गजरा मन भावय,पवन करत हे सोर।
नदिया नरवा देवय ताना,झूमय नाचय मोर।।1।।

बेनी झूलय कनिहा डोलय,महके गजरा फूल।
कर डारे हे बइहा पगला,लहरे अचरा तोर।।2।।

झूलत रहिथे तोरे चेहरा,आँखी आँखी तीर।
मर जाहूँ किरिया हे तोला,बाँधे पीरित डोर।।3।।

मुच मुच हाँसी मोला मोहे,कोयल जइसन गोठ।
भाथे तोला देखे- देखे,मारे हिय हिलोर।।4।।

करले जोरा अब तै गोरी,लेके आहूँ कार।
ले जाहूँ भँवरा के तोला,कर लेबे सिंगार।।5।।

तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगंइहा, डौंडी लोहारा

सोमवार, 4 नवंबर 2019

करमा गीत


करमा गीत

*मुखड़ा*
‪#‎लडका‬
करमा नचाहूं तोला ओ आना मादर के थाप मा
‪#‎लड़की‬
करमा नचादे मोला गा आना मादर के थाप मा

*अंतरा 1*
‪#‎लड़का‬
धान लुए हंसिया  गजब उड़ाय कंशी
सुध मा तोर खोके मन बजावय बंशी
करमा नचाहूं तोला ओ आना मादर के थाप मा
#लड़की
करमा नचादे मोला गा आना मादर के थाप मा

*अंतरा 2*
#लड़की
आए ला सावन रिमझिम परे फोहार
बन बन किजरौं मैं पारत हँव गोहार
करमा नचादे मोला गा आना मादर के थाप मा
#लड़का
करमा नचाहूं तोला ओ आना मादर के थाप मा

*अंतरा 3*
#लडका
सुघ्घर लागे रानी हांसी तोर ठिठोली
कजरेली नैना ले मारे मया गोली
करमा नचाहूं तोला ओ आना मादर के थाप मा
#लड़की
करमा नचादे मोला गा आना मादर के थाप मा

*अंतरा 4*
#लड़की
धिक धिनिंधा मादर बाजे करमा के ताल
तोर मया म होगेंव बही हाल हे बेहाल
करमा नचादे मोला गा आना मादर के थाप मा
#लड़का
करमा नचाहूं तोला ओ आना मादर के थाप मा

*संघरा*
‪#‎लड़का_लड़की‬
करमा नचाहूं तोला ओ आना मादर के थाप मा
करमा नचादे मोला गा आना मादर के थाप मा

गीत ‪
तोषण‬ कुमार चुरेन्द्र
धनगंइहा
डौंडीलोहारा
बालोद छत्तीसगढ़ ९६१७५८९६६७

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