मंगलवार, 27 नवंबर 2018

सुरता

सुरता हा आथे तोर, आरो ले ले मोर।
तोर मया म होगेंव दीवाना, धीरज नँइहे थोर।।
सुरता.....

कोन जनी का रोग हमावय,खवई पियई कछु नँई भावय।
तोर मया के बदरा बैरी,रही रही आँखी म छावय।।
मोर हिरदे के भीतरी, झुले चंदा चेहरा तोर....
सुरता.....

कोयली सही तोर बोली,मन ल मोर भावय ना।
बिना तोला देखे गोरी,रहय नँई तो जावय ना।।
जिनगी मा आके तैहा,करदे जग अंजोर....
सुरता....

तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगांव डौंडी लोहारा

सोमवार, 19 नवंबर 2018

मतदान

शुभ बिहान

संगी मत वाला हरव,करलव मत के दान।
सोच समझ नेता चुनव,लाही नवा बिहान।।

कीमत समझव वोट के,बनथे जी सरकार।
जावव दव मतदान सब,होवय झिन बेकार।।

नेता मन के छाँट लव,देवव सबझन वोट।
हक के खातिर मिल चलव,झन लेवव गा नोट।।

तोषण कुमार चुरेन्द्र
9617589667

तुलसी बिहाव

*तुलसी बिहाव के ऊपर दोहा तोषण के*

जनम धरे शिव तेज ले,हवय जलन्धर नाँव।
थर-थर काँपय देवता,भागय डरके गाँव।।

बड़भगमानी हे सती,बिन्दा जेकर नाँव।
बरन करय जलन्धर के,सुघ्घर परके पाँव।।

बढ़थे अत्याचार जब,देव करय गोहार।
महादेव भोले करव,दानव के खोहार।।

लड़त लड़त जलन्धर ले,शंखर मानय हार।
जाके हरि के तीर मा,माँगत हे उपचार।।

मानय बतिया देव के,हरि होगे तइयार।
बिन्दा के सत भंग बर,चलिस हवय जी द्वार।।

होवय बिन्दा अपबरित,मरय जलन्धर आज।
सतबल ले हे जानलिस,रमारमन के राज।।

होवय शापित जब बिसनु, बनगे सालीग्राम।
होगे बिन्दा अब अमर,धरके तुलसी नाम।।

रचना तोषण के हरे,अमर कथा के सार।
भूलचूक ला दव छमा,करदव मोला पार।।

तोषण कुमार चुरेन्द्र
9617589667

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