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शनिवार, 30 नवंबर 2019
रविवार, 27 अक्टूबर 2019
सबके घर दीया बरे
सबके घर दीया बरे,जगमग हे संसार।
कमलापति के संगिनी,देवय खुशी अपार।।
देवय खुशी अपार,साथ में झूमव नाचव ।
राग द्वेष सब टार,मया के गाना गावव।।
सुन तोषण के बात,गोठ हे जब्बर कबके।
राखव मीठ जबान,मिले हे ममता सबके।।
_*तोषण कुमार चुरेन्द्र*_
_*धनगंइहा,डौंडी लोहारा*_
_*९६१७५८९६६७*_
गुरुवार, 12 सितंबर 2019
पढ़ा लिखा नहीं
पढ़ा लिखा ज्यादा नही,जरा नहीं है ज्ञान।
कोशिश करता सीखना,गावै जो वेद पुरान।।
गावै जो वेद पुरान,धरूँँ मन खुुुशी खुशी सेे।
मिले अलग पहचान,सधे गुणवान सभी से।।
तोषण बोले बात, वचन कड़वा भी न कहीं।
मंद बुद्धि है जान,लिखा ज्यादा पढ़ा नहीं।।
तोषण कुमार चुरेन्द्र
"धनगंइहा"
मंगलवार, 10 सितंबर 2019
पढ़ा लिखा जादा नहीं
समीक्षार्थ
पढ़ा लिखा ज्यादा नही,जरा नहीं है ज्ञान।
कोशिश करता सीखना,गावै जो वेद पुरान।।
गावै जो वेद पुरान,धरूँ हृदय में ध्यान से।
मिले अलग पहचान,सधे सभी गुणवान से।।
रहे सदा जो नेह,मुझ पर दीना नाथ की।
बरसे निशदिन मेह,कृपा सभी के साथ की।
तोषण बोले बात,कटुक वचन भी ना कहीं।
मंद बुद्धि है जान,पढ़ा लिखा ज्यादा नहीं।
तोषण कुमार चुरेन्द्र
"धनगंइहा"
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