रविवार, 27 अक्टूबर 2019

सबके घर दीया बरे



सबके घर दीया बरे,जगमग हे संसार।

कमलापति के संगिनी,देवय खुशी अपार।।

देवय खुशी अपार,साथ में झूमव नाचव ।

राग द्वेष सब टार,मया के गाना गावव।।

सुन तोषण के बात,गोठ हे जब्बर कबके।

राखव मीठ जबान,मिले हे ममता सबके।।


_*तोषण कुमार चुरेन्द्र*_

_*धनगंइहा,डौंडी लोहारा*_

_*९६१७५८९६६७*_

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