शनिवार, 25 मार्च 2017

कइसे मनावंव जी होली

कइसे मनावंव जी होली

मोर छत्तीसगढ के बस्तर म,
दिन रात चलत हे गोली..

तिही बताना संगवारी मोर ,
कइसे मनावंव जी होली..

डर डर जिंहा जिनगी जियतहे,
हमर सगा सोदर मन.

काबर हमर सरकार नंइ देखे,
दुख पीरा भरे ओखर मन.

लगत हे जेकर माथा म,
छिन छिन लहु के रोली..

तिही बताना संगवारी मोर,
कइसे मनावंव जी होली...
 
ढर ढर आँखी ले आँसू निकले,
मोर छत्तीसगढ महतारी के,

जेकर लइका प्रान ल त्यागे,
अब मोह का रंग पिचकारी के

कहां ले पाही अपन अंगना म,
फेरले हंसी ठिठोली

तिही बताना संगवारी मोर,
कइसे मनावंव जी होली...

फूलबगिया ल उजडत देख,
करेजा चानी होवत हे

बेटा के आस ल देख के ,
घर घर महतारी रोवत हे

नक्सलवाद ल खतम करव,
सुनव "तोषण" के बोली

तिही बताना संगवारी मोर,
कइसे मनावंव जी होली.....

रचनाकार
तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगांव डौंडी लोहारा
बालोद छ.ग.
९६१७५८९६६७
रचना दिनाँक १२/०३/१७

अक्षय कुमार

रियल लाइफ हीरो अक्षय कुमार के सुकमा के शहीदों को 1 करोड़ 8 लाख देने पर उनकी देशभक्ति को नमन करती मेरी ताजा 
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           "अक्षय कुमार"

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खिलाडी कुमार जिनका नाम है
कर. दिखालाया  नेक  काम  है
सबकी  दुआ  ले रहा "बॉस को
छत्तीसगढ   कर रहा सलाम है.
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कभी न इनकी भणडार क्षय हो
नही किसी का  कदापि भय हो
नील गगन में   बन  चमके तारे
हे !  अक्षय  सदा  तेरी जय हो..
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दीन  दुखियों  की  सेवा करके
स्नेह भावना  जो मन में भरके
किया  बडा  उपकार आज ये
नही भुला पायेंगे हम भी मरके
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हुई ताजा फिर आज कहानी
सुनी कभी  दादा की जुबानी
हुए महान शिवि, रंन्तिदेव भी
परहित  जीवन  दिये कुर्बानी
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मान बांटते चल सम्मान मिलेगा
खुशियों  भरा  ब़ागान  मिलेगा
करले "तोषण" कुछ  नेक काम
तेरी मुट्ठी में सारा जहान मिलेगा
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रचना:-©®
तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगाँव डौंडी लोहारा
बालोद छत्तीसगढ
९६१७५८९६६७
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                टीप
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हमर धनगाँव के बजार

पडथे हमर गाँव रे संगी बजार दिन बुधवारी
आथे जिंहा बेंचाय बर आनी बानी तरकारी

आके तैहा लेले संगी लेना हे तोला जोभी
कुंदरु करेला मुनगा भांटा हावय फूल गोभी

चना मुर्रा मिरची भजिया अउ बरा समोसा
खाबोन बइठके होटल म संगी मसाला धोसा

टिकली फुंदरी इस्नु पावडर आके तै बिसाले
मयारू के मया बर किसम किसम के नपाले

घुमंव न बजार कभू अकेला कहीं मैं चुपचुप
आबे संगी घुमेबर तोला खवाहू पानी गुपचुप

तोषण कुमार चुरेन्द्र

विश्वास

मन को है विश्वास अगर
                  मंजिल मिल ही जाएगी..
करते रहें पग -पग मेहनत
                  इक दिन रंग ये लाएगी.
तोषण कुमार चुरेन्द्र ९६१७५८९६६७

देख

देखना तोर बनाए रंग बिधाता,आज बेरंग होवत हे
नक्सली करिया रंग के कारन, रंग में भंग होवत हे

कोख उजडय महतारी मन के,अउ टुरा रोवत हे
सजनी अपन छंइया बर,छाती चिर के रोवत हे...
तोर बिंदराबन धाम म ,मथुरा कस हुडदंग होवत हे
नक्सली करिया रंग के......

सतयुग त्रेता द्वापर म कान्हा,राकछत के संघार करे
कलजुगी दानव ल मारेबर, कहीं कोनों उपाय करे
हमर सुघर फुलवारी के ,बड नास सरभंग होवत हे.
नक्सली करिया रंग के......

का रंग लगाहु अब मैं तोला,सब रंग ह लाल होगे
नक्सली दानव कारन ,छत्तीसगढ के जंजाल होगे
इंखर समूल बिनास बर,फेर ले जबर लेवव तरंग
नक्सली करिया रंग के.......

✒तोषण कुमार चुरेन्द्र✒
      ९६१७५८९६६७

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