तोर डेहरी मा दुर्गा दाई
जमके भराथे मेला ओ
दरसन खातिर भगतन के
लगथे गजब के रेला ओ
फूल दसमत के चढ़ावंव
आरती तोर उतारंव मंय
टूटहा फूटहा भाखा ले दाई
गुण ल तोर गावंव मंय
पान सुपाड़ी धजा लेके
देवंव नरिहर के भेला ओ
दरसन खातिर भगतन के
लगथे गजब के रेला ओ
बड़े बड़े रीशि मुनि ल तारे
महूल थोरिक सहार दे दे
ये दुनिया म हवंंव दुखिया
अपनेच मया दुलार दे दे
जग के तैहर गुरूमाता दाई
अपन बनाले तैं चेला ओ
दरसन खातिर भगतन के
लगथे गजब के रेला ओ
आस पुराए सबके तैहर
मोरों आस पूराबे ओ
तोरेच लइका मैं हंव दाई
मोला झन भूलाबे ओ
अंगुरी धरके रेंगाले संगे
रही जावंव न अक्केला ओ
दरसन खातिर भगतन के
लगथे गजब के रेला ओ
पूजा पाठ कुछु नंइ जानव
कोंदा लेड़गा तोषण अंव
बनीभूती सं तोर आशीष ले
सबला पालत पोसत हंव
सुख के बरसा करदे दाई
झन हो दुख के झमेला ओ
दरसन खातिर भगतन के
लगथे गजब के रेला ओ
तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगांव डौंडीलोहारा
९६१७५८९६६७