राम जपय शिवनाम को,शंकर हा श्री राम।
राम नाम सब मन जपव,बनही बिगड़े काम।
बनही बिगड़े काम,राम शिव संगी मितवा।
करथे बेड़ा पार,बने जी सबके हितवा।
कह तोषण कर जोड़,राम में मन मोर रमय।
मया मोह ले दूर,सबो मिलके राम जपय।
तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगाँव डौंडी लोहारा
बालोद छत्तीसगढ़
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