सफलता की सीढ़ी
चींटी जैसे दाना लेकर
पर्वत हमको चढ़ना है।
आंधी और तूफान में
दीपक जैसे जलना है।
चलना है साथ एक हो
हाथ सबका पकडना है।
हो सुगंधित सारा चमन
बन पुष्प ऐसे महकना है।
कितनी भी आए कठिनाई
स्वयं हमको लडना है।
नमन करे दुनिया हमको
गढ़ हमको गढ़ना है।
छोड़ दुनिया को पीछे
हमको आगे बढ़ना है।
सफलता की सीढियों पर
हमें निरंतर चढ़ना है।।

चींटी जैसे दाना लेकर
पर्वत हमको चढ़ना है।
आंधी और तूफान में
दीपक जैसे जलना है।
चलना है साथ एक हो
हाथ सबका पकडना है।
हो सुगंधित सारा चमन
बन पुष्प ऐसे महकना है।
कितनी भी आए कठिनाई
स्वयं हमको लडना है।
नमन करे दुनिया हमको
गढ़ हमको गढ़ना है।
छोड़ दुनिया को पीछे
हमको आगे बढ़ना है।
सफलता की सीढियों पर
हमें निरंतर चढ़ना है।।









होत बिहनिया भुंइया मा 
















