गुरुवार, 29 जून 2017

सुविचार

I m the best in the world.

मैं अपने आपको दुनिया में अच्छा मानता हूँ।

ये मेरी सोच है....

लेकिन दुनिया मुझे क्या कहती है कोई फर्क नहीं पड़ता....

क्योकि आगे बढ़ता वही है जो खुद की सुनता है गैरों की नहीं.....

शुक्रवार, 2 जून 2017

तोषण

*तोषण आरुग लेड़गा, हावय गा मतिमंद।*
*नइये जेकर बस सखा,जेन गढ़े वो छन्द।।*
*तोषण कुमार चुरेन्द्र*

ठेलहा राम

*ठेलहा राम*

*किहिस एक दिन मोला कोई,*
*का तोर बर कहुं  नइये काम।*
*खाथस पीथस घूमत रहिथस,*
*बने बात नोहे जी ठेलहा राम।*

*केहेंव महु घलो गोठ बने जी,*
*मोरो करा हे  अब्बड़ काम।*
*काम करहु फेर रहा ले ले गा,*
*करन देना थोरिकन  अराम।*

*काम  बुता  बर  संसो नइये,*
*हस कोढिहा तै कथे सियान।*
*पाछु  झन पसताये ल परय,*
*काम  बुता बर दिहा धियान।*

*सियान के गोठ मान लेहेंव,*
*अब जाथँव महुँ कमाय बर।*
*खुद भविस के संसो करके,*
*सुग्घर जिनगी सिघयाय बर।*

*तोषण कुमार चुरेन्द्र*

गुरुवार, 1 जून 2017

हाइकु

धन्य हुआ मैं
काम आया आपके
दुआ आपकी

डोंगा

*जिनगी डोंगा धार में,नंइ  हाथ पतवार।*
*राम भजन कर सार हे,राम लगाही पार।।*

*हावय डोंगा काठ के, कइसे पार लगाँव।*
*पखरा हर नारी बने, धोवन  देदव पाँव।।*

*देखे केंवट राम जी,डोंगा लगे मँगाय।*
*भइया केंवट सुन बने,गंगा दे नहकाय।।*

*तोषण कुमार चुरेन्द्र*

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