शुक्रवार, 2 जून 2017

तोषण

*तोषण आरुग लेड़गा, हावय गा मतिमंद।*
*नइये जेकर बस सखा,जेन गढ़े वो छन्द।।*
*तोषण कुमार चुरेन्द्र*

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