🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴
।।चौपाई।।
🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴
पेड़
🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴
पंछी डाले अपना डेरा।
आते जाते साँझ सवेरा।
🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴
होती तरुवर से हरियाली।
रहती छायी नित खुशहाली।
🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴
शीतल पवनें हमको मिलते।
आँगन सारे बच्चे खिलते।
🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴
सावन में पानी बरसाती।
धरती माता है हरषाती।
🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴
कितने औषधि जिनसे बनते।
रोगी सारे इनसे तनते।
🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴
आओ साथी पेड़ लगाये।
अपना जीवन हम महकाये।
🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴
तोषण कुमार चुरेन्द्र
"धनगंइहा"
चौपाई लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
चौपाई लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
गुरुवार, 12 सितंबर 2019
पेड़
सदस्यता लें
संदेश (Atom)
विशिष्ट पोस्ट
शिवनाम
राम जपय शिवनाम को,शंकर हा श्री राम। राम नाम सब मन जपव,बनही बिगड़े काम। बनही बिगड़े काम,राम शिव संगी मितवा। करथे बेड़ा पार,बने जी सब...
-
वफा तो हम करते रहे जहान में अपनों से, किसी ने जफा की और किसी ने बेवफाई। -आचार्य तोषण -आचार्य ...
-
सुराज के पता नइहे गरमे गरम सूरज आवत हे। जेठ बइसाख सही चइत मा आके लू झपावत हे। खोजय छंइहा गांव जवइय्या घाम म सेंकावत हे। आही सुराज एक दि...
-
महूं ह कतेक मजबूर हंव। मितवा तोरले गजब दूर हंव। बिछड के जहुरिया तोर ले फुटहा दरपन सही चुर चुर हंव। आचार्य तोषण