अलग-अलग पहचान है,अलग- अलग है वेष।
भारत की ये शान है,.......कहीं नहीं है क्लेष।।
तोषण कुमार चुरेन्द्र
अलग-अलग पहचान है,अलग- अलग है वेष।
भारत की ये शान है,.......कहीं नहीं है क्लेष।।
तोषण कुमार चुरेन्द्र
करत हवँव गोहार मँय नवा अँजोर बगरावव।
चंदा उइथे रातकून बेटी ल सूरुज बनावव।
एक कुल बेटा सम्हाले बेटी दुकुल सँवारत हे।
बनके दाई इही बेटी ममता अपन लुटावत हे।
परिवार रुप ये बगिया म फूल सही सजावव।
चंदा उइथे रातकून बेटी ल सूरुज बनावव।१।
पढ़ही लिखही स्कुल म नाँव देश के करही।
दाई ददा गाँव समाज के मान एकर ले बढ़ही।
देवारी के दीया बनाके घर घर एला जलावव।
चंदा उइथे रातकून बेटी ल सूरुज बनावव।२।
चिरई बन चहकन दव ए खुला आसमान म।
बेटी ल घलो सिखावव कइसे जिथे जहान म।
उड़त रहे चारो मुड़ा अइसन पतंग बनावव।
चंदा उइथे रातकून बेटी ल सूरुज बनावव।३।
कोख प पलत बेटी ल ये दुनिया आन दव।
करन देवव सपना पूरा संगी हो पहिचान दव।
बेटा बेटी के भेदभाव मन ले दूरिहा भगावव।
चंदा उइथे रातकून बेटी ल सूरुज बनावव।४।
तोषण कुमार चुरेन्द्र
ग्राम धनगाँव डौंडी लोहारा
जिला बालोद छ.ग.४९१७७१
मो.९६१७५८९६६७
मैं तेरी परछाईं हूँ मुझे छोड़ कहाँ तुम जाओगे।
मैं तेरी राधिका प्यारी मुझसी कहाँ तुम पाओगे।
माखनचोर केशव मेरे तुझमे मैं हूँ मुझमे तुम हो,
अमिट प्रेम का रंग हे कान्हा कहाँ तुम लगाओगे।
तोषण कुमार चुरेन्द्र
अनजाने दुनिया में अब कोई उम्मीद अपनी ना रही।
माना है जिसे जान से भी ज्यादा वो अपनी ना रही।
प्यार भरी बाते वो वादे वो कसमें अब लगते हैं झूठे,
गम का तो नाम नही यारों 'ख़ुशी' भी अपनी ना रही।।
तोषण कुमार चुरेन्द्र
*कृष्ण जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर आप सभी को बधाईयांँ व ढेर सारी शुभकामनाएँ*
*कृष्ण जन्माष्टमी पर तोषण के आठ दोहे*
नमन करूँ नटवर को,है जो चित के चोर!
माखन जिनका भोग प्रिय,मुकुट पंख है मोर!!१!!
पुण्य दिवस है आज ये,करलो मंगल गान!
देने गीता ज्ञान को,जनम लिए भगवान!!२!!
नंदलाल के घर चले,मध्य रात भगवान!
जन्में कारागार में,देवकी वसु महान!!३!!
गिरवर नटवर नाम है,वासु देवकी लाल!
मीरा राधा है प्रेयसी,है काली के काल!!४!!
देख मित्र के पाँव को,बहे नयन से धार!
मुट्ठी चावल तीन के,दिया बड़ा उपहार!!५!!
रथ हाँके बन सारथी,जरा नही अभिमान!
समरभूमि के बीच में, देते गीता ज्ञान!!६!!
आजा मेरे फिर प्रभो,रख दो सबकी लाज!
भारत माता रो रही,द्रवित होकर आज!!७!!
सुख शांति चहुँ ओर हो,बहे प्रेम की धार!
तोषण की अर्जी सुनो,जरा करो उपकार!!८!!
तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगाँव डौंडी लोहारा
छत्तीसगढ़ ४९१७७१
मो.९६१७५८९६६७
राम जपय शिवनाम को,शंकर हा श्री राम। राम नाम सब मन जपव,बनही बिगड़े काम। बनही बिगड़े काम,राम शिव संगी मितवा। करथे बेड़ा पार,बने जी सब...