मंगलवार, 25 सितंबर 2018

गम न हुई


दूरियाँ ये दिलों की कभी कम न हुई।
उनकी यादों में आँखें कभी नम न हुई।
कैसे जुदा हो गई मुझसे नादाँ वो खुशी,
जुदाई में जिंदगी ये  कभी गम न हुई।

तोषण कुमार चुरेन्द्र

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

विशिष्ट पोस्ट

शिवनाम

राम जपय शिवनाम को,शंकर हा श्री राम। राम नाम सब मन जपव,बनही बिगड़े काम। बनही बिगड़े काम,राम शिव संगी मितवा। करथे बेड़ा पार,बने जी सब...