राम नाम हे सार रे,जपले तै हरि नाम।
जाती बेरा थोरकिन,करले बढ़िहा काम।।
करले बढ़िहा काम तै,होवय जग मा शोर।
दया मया ला बाँट ले, बात मान ले मोर।।
बात मान ले मोर सुन,राम भजन मा झूम।
तोर मोर के फेर मा,ऐती ओत न घूम।।
तोषण चुरेन्द्र दिनकर
राम जपय शिवनाम को,शंकर हा श्री राम। राम नाम सब मन जपव,बनही बिगड़े काम। बनही बिगड़े काम,राम शिव संगी मितवा। करथे बेड़ा पार,बने जी सब...