बुधवार, 28 अगस्त 2019

अंत्याक्षरी

अभ्यास की दृष्टि से सादर ....मंच पर

अवहेलना,

मत करना अवहेलना,कभी बड़ों की बात।
दुआ कभी मिलता नहीं,हो दिन चाहे रात।।

विवेचना,

करिए कर्म विवेचना,रखिए सदा ये ध्यान।
धन दौलत जब पास हो,ना रख कभी गुमान।।

व्याप्त,

गुण अवगुण सब व्याप्त है,यही जगत की रीत।
मीठी वाणी बोल के,सकल विश्व लो जीत।

आकंठ,

भरा हुआ आकंठ तक,सदा पतित में दंभ।
झुकना कभी न जानते,तने रहे बन खंभ।

ममता,

माँ की ममता को भला,आँक सके न कोय।
भरकर सुत के पेट को,खुद ही भूखी सोय।।

प्रलाप,

सुख दुख के इस खेल में,करते नहीं प्रलाप।
धैर्य मन में धारिए,मिट जाए संताप।।

लालसा,

त्यागें मन की लालसा,करें ईश का ध्यान।
धन दौलत साथी नहीं,रखिए इसका ज्ञान।।

वन्दना,

मातु पिता की वन्दना,करलें आठों याम।
जिनके पुण्य प्रताप से,बनते बिगड़े काम।।

चापलूस,

चापलूस के काम का,रहता जग में शोर।
बड़े-बड़े ठग जात हैं,क्या ठाकुर क्या चोर।।

झंझावत

आते झंझावत शाम जो,हिय में उठती आह।
पिया गये परदेश को,घर से तकती राह।।

तोषण कुमार चुरेन्द्र "धनगंइहा"

मंगलवार, 27 अगस्त 2019

ईश वंदना

दोहा-
बनकर साधु मैं खड़ा,दर पे तेरे आज।
हाथ जोड़ कर कामना,रख लो मेरी लाज।।

चौपाई:-
तेरे चरण मैं माथ नँवाऊँ।
होत भोर तेरे गुन गाऊँ।
कृपा तेरी मिले प्रभू मोहे।
करतल बान धनुष अति सोहे।
आए शरण नीज दीन दुखारी।
रहिहव सदा तुम मीत हमारी।
बार-बार बर माँगँव तोसे।
पाप कभी नहीं होय मोसे।
सबके घर भंडार भरौ तुम।
गलत राह में न हो कोई गुम।
सबके रहना सदा सहाई।
दाता करता यही दुहाई।

दोहा:-
रहे सदा सद्भावना,माँगू यह वरदान।
सेवक बनकर सब रहे,मिले मान सम्मान।।

तोषण कुमार चुरेन्द्र "धनगंइहा"

मोर आँखी के तारा रे

मोर आँखी के तारा रे,करबे जग उजियारा रे
दीन दुखिया के सेवा करबे ,बनबे जग के दुलारा रे

तोर पाए के खातिर बेटा, कतको बरत उपवास करेंन
जूड़ बासी खाके ललना,तोर बर ताते भात करेंन
धरती दाई के रक्षा करे बर,रहिबे तैं रखवारा रे
मोर आँखी के तारा रे...

ध्रुव प्रहलाद के रद्दा म चलबे,सबके आशीर पाबे
वीर बालक खुदी बनके तै,दाई के लाज बचाबे
दुध के करजा पूरा करबे,होही तभे चुकारा रे
मोर आँखी के तारा रे...

लव कुश जइसे ज्ञानी होबे,राम के गुन ला गाबे
तर जाही जम्मो दुखियारी,भव ले पार लगाबे
बनबे राम के दूत लाला,सीता के तैहा पियारा रे
मोर आँखी के तारा रे


तोषन धनगंइहा...

मोर आँखी के तारा रे

मोर आँखी के तारा रे,करबे जग उजियारा रे
दीन दुखिया के सेवा करबे ,बनबे जग के दुलारा रे

तोर पाए के खातिर बेटा, कतको बरत उपवास करेंन
जूड़ बासी खाके ललना,तोर बर ताते भात करेंन
धरती दाई के रक्षा करे बर,रहिबे तैं रखवारा रे
मोर आँखी के तारा रे...

ध्रुव प्रहलाद के रद्दा म चलबे,सबके आशीर पाबे
वीर बालक खुदी बनके तै,दाई के लाज बचाबे
दुध के करजा पूरा करबे,होही तभे चुकारा रे
मोर आँखी के तारा रे...

लव कुश जइसे ज्ञानी होबे,राम के गुन ला गाबे
तर जाही जम्मो दुखियारी,भव ले पार लगाबे
बनबे राम के दूत लाला,सीता के तैहा पियारा रे
मोर आँखी के तारा रे


तोषन धनगंइहा...

मोर आँखी के तारा रे

मोर आँखी के तारा रे,करबे जग उजियारा रे
दीन दुखिया के सेवा करबे ,बनबे जग के दुलारा रे

तोर पाए के खातिर बेटा, कतको बरत उपवास करेंन
जूड़ बासी खाके ललना,तोर बर ताते भात करेंन
धरती दाई के रक्षा करे बर,रहिबे तैं रखवारा रे
मोर आँखी के तारा रे...

ध्रुव प्रहलाद के रद्दा म चलबे,सबके आशीर पाबे
वीर बालक खुदी बनके तै,दाई के लाज बचाबे
दुध के करजा पूरा करबे,होही तभे चुकारा रे
मोर आँखी के तारा रे...

लव कुश जइसे ज्ञानी होबे,राम के गुन ला गाबे
तर जाही जम्मो दुखियारी,भव ले पार लगाबे
बनबे राम के दूत लाला,सीता के तैहा पियारा रे
मोर आँखी के तारा रे


तोषन धनगंइहा...

मोर आँखी के तारा रे

मोर आँखी के तारा रे,करबे जग उजियारा रे
दीन दुखिया के सेवा करबे ,बनबे जग के दुलारा रे

तोर पाए के खातिर बेटा, कतको बरत उपवास करेंन
जूड़ बासी खाके ललना,तोर बर ताते भात करेंन
धरती दाई के रक्षा करे बर,रहिबे तैं रखवारा रे
मोर आँखी के तारा रे...

ध्रुव प्रहलाद के रद्दा म चलबे,सबके आशीर पाबे
वीर बालक खुदी बनके तै,दाई के लाज बचाबे
दुध के करजा पूरा करबे,होही तभे चुकारा रे
मोर आँखी के तारा रे...

लव कुश जइसे ज्ञानी होबे,राम के गुन ला गाबे
तर जाही जम्मो दुखियारी,भव ले पार लगाबे
बनबे राम के दूत लाला,सीता के तैहा पियारा रे
मोर आँखी के तारा रे


तोषन धनगंइहा...

शनिवार, 24 अगस्त 2019

कृष्ण जन्मोत्सव

दही चुराने माखन खाने जनम लिये है कृष्ण कन्हाई।
नटवर नागर सुख के सागर जन्म दिवस पर लाख बधाई।
पापी को मारे संत उबारे समरांगण गीता ज्ञान सुहाई।
मातु यशोदा नंद बाबा हलधर तेरे बड़के भाई।

मित्र सुदामा के झोली भरे तुम खुशियाँ सारी मंगल आये।
घर घर दीप जलाए गोपी सभी जन मिलके सोहर गाये।
दीन दुखियन के त्रास हरे प्रभु तीनों तिलोक जग हर्षाये।
आजा नटवर लाज बचाने कलयुगी द्रोपदी ये गोहराये।

तोषन धनगंइहा
डौंडी लोहारा

शुक्रवार, 9 अगस्त 2019

देश के रखवारे


भारत के प्यारे जागो
देश के रखवारे जागो
बैरी दुवारे आये
तुम सिर उतारो जागो

सोने की नही है बारी
करो कूच की तैयारी
थर्र खाये सारे बैरी
जाने ये दुनिया सारी
रण के बाकुरों जागो
मेरे दुलारों जागो.....
बैरी दुवारे आये.....

ऊबाल भरो रग-रग में
बधायें कई है मग मे
फौलाद जिगर तुम रखलो
दंभ भरो पग-पग में
माई के लालों जागों
वीरों हुंकारों जागो....
बैरी दुवारे......

भारत की  आन बचानें
बन जा तू शेर दिवानें
अरियों के छक्के छूटे
भीड़ जा बनकर परवाने
तिरंगा थामे जागो
जयहिंद सब गालो जागो...
बैरी दुवारे....

तोषन धनगंइहा
डौंडी लोहारा बालोद


गुरुवार, 8 अगस्त 2019

तोला देखे ले..जान

तोला देखे ले..जान...मोर जान आगे
तोला देखे ले..जान...मोर जान आगे
मन के मंदिर में जइसे भगवान आगे
मोला लागे अइसे सगरो जहान आगे
^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^
मन तो होथे तोला मँय निहारत रहँव
लेके बँइहा..मा तोला...झुलावत रहँव
तोर बिना...कहीं...चैन आ..वय नहीं
सुरता मा कहीं...मोला....भावय नहीं
रही-रही के तोरेच..तीर धियान लागे
मन के मंदिर में जइसे...भगवान आगे
मोला लागे अइसे..सगरो जहान आगे
^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^
रोज सपना मा आके सताथस काबर
राति आवै न निंदिया जगाथस काबर
कलगी पागा...के तोर मन मोर मोहे ना
आज मन के मिलौना रद्दा तोर जोहे ना
उड़ँव बनके...मँय भँवरा अरमान जागे
मन के मंदिर में जइसे.....भगवान आगे
मोला लागे अइसे....सगरो जहान आगे
^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^

दीदी आई जी दीदी आई

शिशु गीत

दीदी आई जी दीदी आई।
एक बड़ी सी पुड़िया लाई।
हमने जो देखा जब ये खोल,
एक सोने की गुढ़िया पाई।

श्याम सलोनी गुड़िया प्यारी।
लगती सबको न्यारी न्यारी।
संग घूमती है संग दौड़ती,
तितली जैसे क्यारी क्यारी।

कभी न रोती हँसती हरदम।
बिन पायल के नाचे छमछम।
जब शिव जी का डमरू बाजे,
बोले मुख से बम बम बम।

गुड़िया मेरे साथ है रहती।
मीठी मीठी बातें हैं कहती।
ऊपर देखो नीलगगन में,
खिल के चाँदनी वो है हँसती।

कभी नही तुम हमें रुलाना।
कभी नही तुम हमें सताना।
दूर मुझसे तुम जाना नहीं,
दौड़ के मेरे पास में आना।

हर हर महादेव

॥हर हर महादेव॥
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                        (१)
भूत भामन भोला गंगाधर,माथे म चंदा ताज।
भीख मांगतहन तोरे तीर,दरस दिखादे आज।।
                        (२)
आवय सावन चले कंवरिया, हर हर के जयकार।
मुड़ी ले  निकले  गंगा धारा , सरपन पहिरे हार।।
                        (३)
सुरहिन गइय्या के दुध लाके,भोला तोला मनाय।
धथुरा फूल फर बेल पाना,सुघ्घर तोला चढाय।।
                       (४)
पावन परब तोर सावन मा, सबझन ह सकलाय।
ओमकारा नमो शिवा जपय,बमबम धुनी लगाय।।
                        (५)
राम नाम महादेवा जपय,शिवा जपय प्रभु राम।
राम उमापति दुनो जपय तब,बनथे बिगड़े काम।।
^^^^^^^^^^^^^●^^^^^^^^^^^^^

तोर बिना

तोर बिना तोर बिना
दिल नंइ लागय
मोर दिल नंइ लागय
तिही मोरे हस जिंनगी
तिही मोर हस हर खुशी
तिही मोर हस बंदगी

कइसे कहँव
कहाँ जावँव
कइसे करँव सजदा
तोरे बिन......

1.तोरे कसम तोरे कसम जाने जाना
तोरे बर तोरे बर मँय दिवाना
कइसे जीअँव कइसे जीअँव बताना
मरना घलो मोला नंइ आय
तिही मोरे हस जिंनगी
तिही मोर हस हर खुशी
तिही मोर हस बंदगी
तोरे बिन....

जोही मोरे जोही मोरे सोना सोना
रब्बा मोरे रब्बा मोरे हस सलोना
तोरे बिना अउ कोनों नंइ होना
सुरता तोरे कतना सताय
तिही मोरे हस जिंनगी
तिही मोर हस हर खुशी
तिही मोर हस बंदगी

कइसे कहँव
कहाँ जावँव
कइसे करँव सजदा
तोरे बिन......

बुधवार, 7 अगस्त 2019

भैय्या मेरा प्यारा

पिता जैसा क्षमता है, भाई माँ की ममता है।
खुशियाँ जहान की ये,भाई से ही पाई है।
बने कभी हाथी घोड़े,भूलकर दुख सारे,
लिए मुस्कान अपने,गम को छिपाई है।
सारी सुविधाएँ दिए,बहनों पे वार भाई
खाए तूने रुखी सूखी,खीर को खिलाई है।
कृष्ण जैसा रक्षा करे,द्रौपती के चीर भरे,
आँचल को चीरकर,राखी जो बंधाई है।

भैय्या मेरी लाज रखो,जिंदगी आबाद रखो,
आपने कलाई में जो,राखी ये बंधायी है।
लाख आएँ तूफाँ कोई,या कोई बहने रोई,
मुश्किलों में आके भाई,जान जो बचायी है।
दिल को दुखाना नहीं, हमें यूँ रूलाना नहीं,
मुखड़े को देख देख, फूले न समाई है।
जग में है न्यारा भाई,सबसे है प्यारा भाई,
तारा माँ की आँखो का है,दुलारा ये भाई है।

तोषण कुमार चुरेन्द्र"धनगंइहा"
डौंडी लोहारा बालोद
छ.ग. ९६१७५८९६६७

रामायण सार

सुम्मत ले गाड़ी चलय,बनथे बिगड़े काज।
अइसे भारत देश मा,अवधपुरी हे राज।।

राजा दशरथ के महल,रानी रहिथे तीन।
देवइया पानी घलो,बेटा नइहे एक झीन।।

बेटा बनके राम हा,राजमहल मा आय।
अवधपुरी नाचे लगे,भर भर मन हरसाय।।

कैकैयी रानी सुने,राम राज के बात।
सुधबुध सबला त्याग के,खाय नही ओ भात।

बनही राजा अब भरत,राम जही बनवास।
बात मोर तै मान ले,तभ्भे आही रास।

राम सिया भाई लखन,जावय गंगा पार।
अड़हा केंवट हा घलो,तार डरे परिवार।।

पंचवटी बनगे कुटी,सुख्खा डारा पान।
हर लेगे माता जानकी,रावन जे शैतान।।

खोजत सीता राम हा,जटायु दिये उबार।
जूठा बोइर बाँटके,शबरी होगे पार।।

रघुवर अउ सुगरीव जी,सुग्घर बधे मितान।
सुखदुख सब ला जान के,किरपा दे भगवान।

मातु सिया के खोज बर,चंगा हे हनुमान।
बाधा जम्मो भाग गे,लगे राम के ध्यान।।

साधु कुटिया देखके,गये विभीषण तीर।
गोठ बात मा जान गे,मातु सिया के पीर।।

वाटिका पहुँचे तभे,मिले सिया के शोर।
राम बसा के ध्यान मा,भुँजे गली सब खोर।

पाए सिया के शोर जब,पहुँचे लंका धाम।
रावन के परिवार के,करदिस काम तमाम।।

सिया राम भाई लखन,आय अवधपुर धाम।
बरगे दीया चौमुड़ा,राम सिया के नाम।।

तोषन के हे लेखनी,लिखे रमायन सार ।
माँगत हावँव दव क्षमा,गलती देहु जी टार।

तोषन धनगंइहा

गुरुवार, 1 अगस्त 2019

झन कर गरब गुमान

झन कर गरब गुमान
झन कर गरब गुमान रे
भैय्या मोर
झन कर गरब गुमान

पाँच रतन के बने तोर काया
जेकर नँइहे ठिकाना।
चारेच दिन हरिहर पाना
पाछू परेहे अइलाना
समय रहत पहिचान
समय रहत पहिचान रे
भैय्या मोर
झन कर गरब गुमान

कौड़ी कौड़ी जोड़े खोंधरा बनाए
एक दिन छोड़ के जाना
साथी संगी सब रही जाही
जग के हे रीत पुराना
सुनले सिरतो ईमान
सुनले सिरतो ईमान रे
भैय्या मोर
झन कर गरब गुमान

माटी माटी के काया बने हे
माटी मा मिल जाही
धरम करम के करले कमाई
पुरखा हा तर जाही
झन तै बिरथा जान
झन तै बिरथा जान रे
भैय्या मोर
झन कर गरब गुमान

तोषन धनगंइहा
धनगाँव डौ.लोहारा
बालोद छ.ग.

विशिष्ट पोस्ट

शिवनाम

राम जपय शिवनाम को,शंकर हा श्री राम। राम नाम सब मन जपव,बनही बिगड़े काम। बनही बिगड़े काम,राम शिव संगी मितवा। करथे बेड़ा पार,बने जी सब...