भारत के प्यारे जागो
देश के रखवारे जागो
बैरी दुवारे आये
तुम सिर उतारो जागो
सोने की नही है बारी
करो कूच की तैयारी
थर्र खाये सारे बैरी
जाने ये दुनिया सारी
रण के बाकुरों जागो
मेरे दुलारों जागो.....
बैरी दुवारे आये.....
ऊबाल भरो रग-रग में
बधायें कई है मग मे
फौलाद जिगर तुम रखलो
दंभ भरो पग-पग में
माई के लालों जागों
वीरों हुंकारों जागो....
बैरी दुवारे......
भारत की आन बचानें
बन जा तू शेर दिवानें
अरियों के छक्के छूटे
भीड़ जा बनकर परवाने
तिरंगा थामे जागो
जयहिंद सब गालो जागो...
बैरी दुवारे....
तोषन धनगंइहा
डौंडी लोहारा बालोद
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें