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गुरुवार, 12 सितंबर 2019

काले बादल

हाइकु

काले बादल-
व्योम मंडल में
छिपा भास्कर।

ऊष्ण प्रचंड-
पावस अगुवाई
करती धरा।

अमर बेल-
पीपल वृक्ष पर
पंछी का डेरा।

नीम का पत्र-
कीटनाशक दवा
हानिकारक।

पलाश पुष्प-
अति मनभावन
फागुन मास।

तोषण कुमार चुरेन्द्र
"धनगंइहा"

शनिवार, 26 मई 2018

हाइकु विविध

व्याकुल धरा
मेघ के नयन से
बरसे नीर

करूणा मयी
माता जगजननी
लगती प्यारी

चले कृपाण
वसुंधरा हैरान
रोती नदियाँ

भूमि तनुजा
भूमिका श्रीराम की
लंका ढहायी

सोम बरसे
राम के दरबार
जीवन धन्य

उलूक जागे
बीहड़ रजनी में
दुनिया सोता

तोषण कुमार चुरेन्द्र

सोमवार, 2 अप्रैल 2018

बागान

बागान

खिलता पुष्प
धरा के बागान में---
झूमते पक्षी.

बागान देख
नाचे मन मोर है---
बावरी होके.

आते तितली
सतरंगी बाग में--
मनवा लागे.

हुआ सवेरा
मुस्कुराता बागान---
कलियाँ देख

तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगाँव डौंडी लोहारा
बालोद छ. ग.

बुधवार, 21 फ़रवरी 2018

बसंत राग

*💐🙏🏻~ हाइकु मञ्जूषा ~🙏🏻💐*
                   *(क्र. - 09)*
          *दिनांक 19/02/2018*
                 *दिन - सोमवार*   
          *हाइकु सृजन का विषय*

                       *कली*
                       *पुष्प*
                      *भ्रमर*
                      *बसन्त*

        *विषय संदर्भित हाइकु सृजन काल प्रातः 08.00 से रात्रि 08.00 बजे तक ।*

*विषय प्रदाता - आ. किरण मिश्रा जी*
*संचालक - प्रदीप कुमार दाश "दीपक"*
💐💐💐💐💐💐💐💐💐
*चयनित हाइकु*

बेटी वसंत
टेसू भरा आँगन
श्वास पर्यन्त ।

✍🏻वीणा शर्मा

बसन्त आया
कुंहूकुंहू कोयल
प्रसन्न चर्या ।

✍🏻तुकाराम पुंडलिक खिल्लारे        

बसंत आया
सुगन्धि नाच उठी 
जग बौराया ।
                                   
✍🏻सूर्यनारायण गुप्त "सूर्य"             
           
मन बसंत
खिला स्नेह की कली
महके रिश्ते ।

✍🏻रामेश्वर बंग

लुटा बसंत
कामुक था महंत
जीवन अंत ।

✍🏻गंगा पांडेय "भावुक"

फूल रंगोली
है धरा कैनवस
रचे प्रकृति ।

✍🏻मीनाक्षी भटनागर

मासूम कली
घर आँगन खिली
लगती भली ।

✍🏻ज्योतिर्मयी पंत

भ्रमर गूँजें
मकरंद लालसा
पुष्प मित्रता ।

✍🏻ज्योतिर्मयी पंत

कुच कलश
थरथराने लगे
काम के पुष्प ।

✍🏻देवेन्द्रनारायण दास

प्रकृति नटी
मधुमय उमंग
हँसे सुमन ।

✍🏻देवेन्द्रनारायण दास

बिटिया कली
मन आँगन खिली
चाहत मिली ।

✍🏻डाॅ. संजीव नाईक

खिली कोंपल
मासूम सी किल्कारी
गूंजा आँगन ।

✍🏻उषा साहिबा

पीली सरसों 
केशरी है पलाश 
पुष्प सुवास । 

✍🏻सुशील शर्मा

रंग अनंत 
चित्रकार बसंत 
सजा दिगंत  ।

✍🏻सुशील शर्मा

बासन्ती भोर
पलाश दिनकर
क्षितिज कोर ।

✍🏻किरण मिश्रा

नैन भ्रमर
मुकुलित कँवल
मनस सर !

✍🏻किरण मिश्रा "स्वयंसिद्धा"

डाली का फूल
नाजुक सी जिन्दगी
करे कबूल ।

✍🏻बलजीत सिंह
     
तितली  रानी
रंगीन  फूलों  पर
हुई  दीवानी ।
     
✍🏻बलजीत  सिंह

फूलों की बातें
हवा हौले-से सुने
कहानी बुने ।

✍🏻पुष्पा सिंघी

भौंरा गुंजारे
जैसे कोई तपस्वी
मन्त्र उच्चारे ।

✍🏻डा.आनन्द शाक्य

पत्तियां देखें
पुष्प, भौंरे, बसंत
बनके संत ।

✍🏻शेख़ शहज़ाद उस्मानी

नवोढा कली
बिखरी अधखिली
भाग्य का खेल ।

✍🏻सुरंगमा यादव

रजनी भागी
किरणों की थपकी
कलियाँ जागी ।

✍🏻ऋतुराज दवे

भंवरा गाये
कलियों को रिझाये
पराग पाये ।

✍🏻गंगा पांडेय "भावुक"

अल्हड़ कली
सहमी सी संभली
उर में अलि ।

✍🏻दाता राम पुनिया

आया बसंत
धरती आच्छादित
फूले रसाल ।

✍🏻स्नेहलता "स्नेह"

न तोड़ कली
जग में आने तो दो
खुशियाँ देगी ।

✍🏻रविबाला "सुधा" ठाकुर

खिले सुमन
इठलाए चमन
पुलके मन ।
    
✍🏻रविबाला "सुधा" ठाकुर

बसंत राग
कोयल गाती कैसे ?
बनके कैदी ।

✍🏻तोषण कुमार चुरेन्द्र

बसंत ऋतु
सभी के मन भाए
जी भरमाए ।

✍🏻मधु गुप्ता "महक"

छाये बसन्त
हर मन तरंग
फूले पलास।

✍तेरस कैवर्त्य "आँसू"

फूल को देख
अलि गुनगुनाये
बाग में झूमे ।

✍🏻सविता बरई

ऋतु बसंत
कुहुकिनी कुहूके
डाल में झूले ।

✍🏻सविता बरई

आया बसंत
आम्र  कुंज महके
फूले पलाश ।

✍🏻केवरा यदु

ऋतु बसंत
कामदेव ने भेजा
खुशी अनंत ।

✍🏻भीष्मदेव होता
        
सरसों फूले
बसंत आगमन
चेहरे खिले ।

✍🏻अनिता मंदिलवार "सपना"
💐💐💐💐💐💐💐💐💐

शुक्रवार, 9 फ़रवरी 2018

चली बयार

*" हाइकु मंच छत्तीसगढ़ "*
💐💐💐💐💐💐💐

*09 फरवरी आज के हाइकु का विषय :-*
       *बसंत*
       *बयार*
       *रंग*
       *सरसों*
       *गुलाब*

    *चयनित हाइकु*

*01. गुलाब रोया*
*शहीद से लिपट*
*सुपुत्र खोया ।*

*✍🏻स्नेहलता वर्मा*

*02. परसा फूले*
*फागुन रंग खिले*
*वन झाड़ में ।*

*✍🏻नरेश कुमार जगत*

*03.चली बयार*
*लिये फागुन राग*
*जग रंगोली ।*

*✍🏻तोषण कुमार चुरेन्द्र*

*अतिरिक्त : ----*

*01.रंग-बिरंगे*
*प्रसूनों से सज के*
*प्रकृति झूमे ।*

*✍🏻सविता बरई*

💐💐💐💐💐

*विषय प्रदत्त : आ. अनिता मंदिलवार "सपना" जी*
*समीक्षिका : आ. अनिता मंदिलवार "सपना" जी*
*हाइकु चयनकर्ता : आ. देवेन्द्र नारायण दास जी*
*संचालक : प्रदीप कुमार दाश "दीपक"*
💐💐💐💐💐💐💐

गुरुवार, 8 फ़रवरी 2018

बसंत बयार

" हाइकु मंच छत्तीसगढ़ "
      09/02/2018
आज के हाइकु का विषय
          💐💐💐

फरवरी माह को ध्यान में रखते हुए ये विषय :-

बसंत//बयार
//रंग//सरसों //गुलाब

विषय प्रदत्त : आ. अनिता मंदिलवार "सपना" जी

समीक्षिका : आ. अनिता मंदिलवार "सपना" जी

हाइकु चयनकर्ता : आ. देवेन्द्र नारायण दास जी

संचालक : प्रदीप कुमार दाश "दीपक"

को सादर संप्रेषित....

*बसंत*

खिले  पलाश
मदमाती  बसंत
आम्र  मञ्जरी...

*बयार*

चली  बयार
लिये  फाल्गुन  राग
जग  रंगोली...

*रंग*

रंग  परब
छटा  इंद्रधनुषी
उड़े  गुलाल...

*सरसों*

पीली  सरसों
हरीतिमा  धरा
घानी  चुनरी...

*गुलाब*

सुर्ख  गुलाब
प्रेम  परिचायक
जगाते  ख्वाब...

माँ की सुरत

माँ की सूरत
आईना बेटियों की
नेक नियत...

तेरी ही छवि
दे माँ नव जीवन
बनूँगी रवि...

बनूँ तूफान
मुश्किलों से मैं लड़ूँ
हारे चट्टान...

बिटिया प्यारी
सीता सावित्री मनु
राज दुलारी...

शिवा की माता
जिंदादिली जीजा की
भाग्य निर्माता...

चलूँ उड़ते
स्वच्छंद अंबर पे
मन झूमते...

तोषण कुमार चुरेन्द्र

बसंत बयार

" हाइकु मंच छत्तीसगढ़ "
      09/02/2018
आज के हाइकु का विषय
          💐💐💐

फरवरी माह को ध्यान में रखते हुए ये विषय :-

बसंत//बयार
//रंग//सरसों //गुलाब

विषय प्रदत्त : आ. अनिता मंदिलवार "सपना" जी

समीक्षिका : आ. अनिता मंदिलवार "सपना" जी

हाइकु चयनकर्ता : आ. देवेन्द्र नारायण दास जी

संचालक : प्रदीप कुमार दाश "दीपक"

को सादर संप्रेषित....

*बसंत*

खिले  पलाश
मदमाती  बसंत
आम्र  मञ्जरी...

*बयार*

चली  बयारें
लिये  फाल्गुन  राग
जग  रंगीली...

*रंग*

रंग  परब
छटा  इंद्रधनुषी
उड़े  गुलाल...

*सरसों*

पीली  सरसों
हरीतिमा  धरा
घानी  चुनरी...

*गुलाब*

सुर्ख  गुलाब
प्रेम  परिचायक
जगाते  ख्वाब...

बुधवार, 17 जनवरी 2018

तरु है दादा

१७-१-१७
का हाइकु

तरु  है  दादा
परिवार  का  मूल
नेक  इरादा

जीवन  मेरा
पिता  का  आशीर्वाद
छाँव  का  घेरा

मूरत  माँ  की
ममता  का  आँचल
तीरथ  झाँकी

भातृ  का  स्नेह
दुलार  भउजी  की
कंचन  मेह

बहन  की  राखी
स्नेह  भरी  रसरी
उड़ती  पाखी

तोषण कुमार चुरेन्द्र
https://arhkepagakalagi.blogspot.in/?_e_pi_=7%2CPAGE_ID10%2C1582631584

सोमवार, 20 नवंबर 2017

दिन ढहते

आँसू कहते
कब आओगे तुम
दिन ढलते.....

निहारुँ राह
है मन आनंदित
प्रेम की चाह...

हो आगमन
चकवा निहारती
स्वाती की बूँद....

तोषण कुमार चुरेन्द्र

शुभकामना

एकता शक्ति 
पूरे हो अरमान
शुभकामना

ओस की बूँदे
टिमटिमाते तारे
धरा अम्बर...

कर्म है तेरा
न हो इच्छा फल की 
कृपा ईश की...

खेलते बच्चे
धरना में शिक्षक 
तम भविष्य

माँ की डाँट 
नसीब में भी नही
रुठी किस्मत.. .

माँ की यादें
है अंतरात्मा बसी
भीगी पलकें

तोषण कुमार चुरेन्द्र

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रविवार, 19 नवंबर 2017

अपना गाँव

तरु की छाँव
खेलता बचपन
अपना गाँव

मिट्टी चंदन
निखरित मस्तिष्क
कोटि वंदन

बहे सरिता
है धरा पल्लवित
मग पुनिता

कुँजती पिक
लगे मनभावन
देती सीख

कृषक झुमे
लहलहाते धान
माथा चुमे

पुष्प पलाश
देती नव चैतन्य
पूरी तलाश

तोषण कुमार चुरेन्द्र

शुक्रवार, 17 नवंबर 2017

बनें महान


संकल त्रय
   सप्तविंशति पुष्प
         मंगलमय

दर बदर
है चहल - पहल
       चार पहर

करें सम्मान
होकर आगाहित
       बनें महान

तोषण कुमार चुरेन्द्र

मंगलवार, 31 अक्टूबर 2017

दाई के कोरा

दाई के कोरा
हे धान के कटोरा
तिहार पोरा...

सोहय धान
छत्तीसगढ़हीन
बेटा किसान...

कौशल राज
ननिहाल राम के
नाचव आज...

नवा अंजोर
जगमगात गढ़
माते हिलोर...

होके मगन
जुरमिल नाचव
झुमे गगन...

•तोषण कुमार चुरेन्द्र•

छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस

१ नवंबर २०००
छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस
पर हाइकु

छत्तीसगढ़
है स्थापना दिवस
सतत बढ़...

तरक्की करे
खुशहाल प्रदेश
उमंग भरे...

मनोकामना
मेरा छत्तीसगढ़
करे साधना...

सुवा करमा
करे गौरवान्वित
तेरी महिमा...

माथ नवाएँ
मंगलाचार करें
महिमा गाएँ...

पावन धाम
है दक्षिण कौशल
निर्मल ग्राम...

श्रृंगी आश्रम
बड़ा मनभावन
शबरी धाम...

•तोषण कुमार चुरेन्द्र •

विशिष्ट पोस्ट

शिवनाम

राम जपय शिवनाम को,शंकर हा श्री राम। राम नाम सब मन जपव,बनही बिगड़े काम। बनही बिगड़े काम,राम शिव संगी मितवा। करथे बेड़ा पार,बने जी सब...