गुरुवार, 8 फ़रवरी 2018

माँ की सुरत

माँ की सूरत
आईना बेटियों की
नेक नियत...

तेरी ही छवि
दे माँ नव जीवन
बनूँगी रवि...

बनूँ तूफान
मुश्किलों से मैं लड़ूँ
हारे चट्टान...

बिटिया प्यारी
सीता सावित्री मनु
राज दुलारी...

शिवा की माता
जिंदादिली जीजा की
भाग्य निर्माता...

चलूँ उड़ते
स्वच्छंद अंबर पे
मन झूमते...

तोषण कुमार चुरेन्द्र

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

विशिष्ट पोस्ट

शिवनाम

राम जपय शिवनाम को,शंकर हा श्री राम। राम नाम सब मन जपव,बनही बिगड़े काम। बनही बिगड़े काम,राम शिव संगी मितवा। करथे बेड़ा पार,बने जी सब...