बुधवार, 14 फ़रवरी 2018

शिव भजन

पहिने बाघंबर साला गलेयन में मुंड के माला...
आसन लगाए तँय पहाड़ मा
तोर तीर आएंव भोला सुनले गोहार ला..

मांथे मा चंदा सोहे गंगा मइया साथ मा
एक हाथ तिरशुल सोहे डमरु धरे हाथ मा
नंदी के तैहा चढ़इया भृंगी हे सेवा बजइया...
परबतिया हे तोर साथ मा
तोर तीर आएंव भोला सुनले गोहार ला...

अवघढ़िया तोला कहिथे,बम भंगिया तोला कहिथे
साँप डेढ़ू बिचछी कुच्छी सब संग मा तोर रहिथे
महादेव तैहा कहैया किरपा तै सब पे करइया
करदे तै किरपा के बौछार ला

तोर तीर आएंव भोला सुनले ले होबार ला

तोषण कुमार चुरेन्द्र
arhkepagakalagi.blogspot.com

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

विशिष्ट पोस्ट

शिवनाम

राम जपय शिवनाम को,शंकर हा श्री राम। राम नाम सब मन जपव,बनही बिगड़े काम। बनही बिगड़े काम,राम शिव संगी मितवा। करथे बेड़ा पार,बने जी सब...