धरती दाई तोर अबोध लइका कइसे करँव मँय बखान ओ
तोर कोरा म जनम धरिन तुलसी कबीर रसखान ओ
भारत माता के दुलौरिन बेटी छत्तीसगढ़ तँय कहावय
अरपा पैरी महानदी के धार ह सुग्घर बोहावय
तोर अछरा के छंइहा म दाई लहरावय धान ओ
तोर कोरा म जनम धरिन तुलसी कबीर रसखान ओ...
बीर नरायन गैंदसिह नायक तोरेच सेवा बजाइन हे
मान तोर राखेबर दाई अपने प्रान गँवाइन हे
ए भुंइया कोन्हा कोन्हा लागय सोनहा खान ओ
तोर कोरा म जनम धरिन तुलसी कबीर रसखान ओ...
शबरी के जूठा बोईर ल खाइस राम ह जिहा आके
धन्य होगे हमर भुंइया नवधा भगति ल पाके
गंगा मंइया तेलीन सत्ती सबके महिमा गान ओ
तोर कोरा म जनम धरिन तुलसी कबीर रसखान ओ...
तोर कोरा लागे हमर बर संऊहत तीरथ धाम असन
तोर मान रखेबर दाई करबोन जुरमिल के जतन
आही बेरा पाछू नइ घूंचन छोंड़ देबो हम प्रान ओ...
तोर कोरा म जनम धरिन तुलसी कबीर रसखान ओ...
तोषण कुमार चुरेन्द्र
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