मंगलवार, 13 जुलाई 2021
राम रमैय्या ल गाले
शनिवार, 1 मई 2021
हावा पानी कहा ले पाबो
घर घर परत हे रोना
रविवार, 28 मार्च 2021
मोर गाँव के शीतला
हाय रे मोर परसा के फूल
शनिवार, 13 मार्च 2021
मन बसाले सियाराम
शनिवार, 16 जनवरी 2021
तैहा दीया देखाये गा
सोमवार, 11 जनवरी 2021
मोर छत्तीसगढ महातारी
मंगलवार, 5 जनवरी 2021
बिनती तोर करत हँव रामा
गुरुवार, 10 दिसंबर 2020
सावन के महीना मा
सोमवार, 16 नवंबर 2020
हाय रे कोरोना काल(तोषण चुरेन्द्र दिनकर)
शनिवार, 24 अक्टूबर 2020
माता पचरा
रविवार, 27 सितंबर 2020
बेटी
बुधवार, 9 सितंबर 2020
जतन अपन गाँव के
गुरुवार, 27 अगस्त 2020
गणेश वंदना
सोमवार, 13 अप्रैल 2020
मोर मन पंछी परेवना रे...
बुधवार, 18 सितंबर 2019
सियाराम गाले ना
गव इय्या होते ता गवातेंव तोला जी
भज इय्या होते ता भजातेंव जी
जाए के बेरा संगी रे सियाराम गाले ना
नौ महिना ले दाई के कोख मा
उल्टा रेहे टँगाये
राम नाम ला जपहूँ कहिके
वादा करके आये
मन इय्या होते ता मनातेंव तोला जी
सुन इय्या होते ता सुनातेंव जी
जाए के बेरा संगी रे सियाराम गाले ना
रूपिया पइसा महल अटारी
सब इँहिचे रही जाही
दाई ददा कुटुंब कबीला
संग कोनों नंइ जाही
गुन इय्या होते ता गुनातेंव तोला जी
भज इय्या होते ता भजातेंव जी
जाए के बेरा संगी रे सियाराम गाले ना
तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगंइहा
सोमवार, 16 सितंबर 2019
भजन करलव राम के
भजन करलव राम के,जग शोर होवय जी
जर भूँजा के राखर,तन तोर होवय जी
भजन करत करत संगी,तरगे मीरा बाई
दरसन देवय जेला,किसन कन्हाई
भाव भगति के दहरा मा ,हिलोर होवय जी
जर भूँजा के राखर,तन तोर होवय जी
बोईर खवाके शभरी नवधा भगति गाये
राम गुन गाके भीलनी,जीवन मुक्ति पाये
शभरी के जिनगी मा,विभोर होवयजी
जर भूँजा के राखर,तन तोर होवय जी
मन के मंदिर मा,सियाराम ला बसाले
राम चरन मा तँय,ध्यान ला लगाले
धरम करम करले,जग मा शोर होवय जी
जर भूँजा के राखर,तन तोर होवय जी
राम नाम गावत गावत,तरगे ऋषि ज्ञानी
भजन सुनावत हे,तोषन अगयानी
सुन्ना मन के मंदिर अब,अंजोर होवय जी
जर भूँजा के राखर,तन तोर होवय जी
तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगंइहा
गुरुवार, 12 सितंबर 2019
मोरा आँखी के तारा
मोर आँखी के तारा रे,करबे जग उजियारा रे
दीन दुखिया के सेवा करबे ,बनबे जग के दुलारा रे
तोर पाए के खातिर बेटा, कतको बरत उपवास करेंन
जूड़ बासी खाके ललना,तोर बर ताते भात करेंन
धरती दाई के रक्षा करे बर,रहिबे तैं रखवारा रे
मोर आँखी के तारा रे...
ध्रुव प्रहलाद के रद्दा म चलबे,सबके आशीर पाबे
वीर बालक खुदी बनके तै,दाई के लाज बचाबे
दुध के करजा पूरा करबे,होही तभे चुकारा रे
मोर आँखी के तारा रे...
लव कुश जइसे ज्ञानी होबे,राम के गुन ला गाबे
तर जाही जम्मो दुखियारी,भव ले पार लगाबे
बनबे राम के दूत लाला,सीता के तैहा पियारा रे
मोर आँखी के तारा रे
तोषन धनगंइहा...
विशिष्ट पोस्ट
शिवनाम
राम जपय शिवनाम को,शंकर हा श्री राम। राम नाम सब मन जपव,बनही बिगड़े काम। बनही बिगड़े काम,राम शिव संगी मितवा। करथे बेड़ा पार,बने जी सब...
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🌷यशवंत"यश"सूर्यवंशी 🌷 भिलाई दुर्ग छग हाइकु 🥀ईमली🥀 मन मचला संतान के संके...
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तरु की छाँव खेलता बचपन अपना गाँव मिट्टी चंदन निखरित मस्तिष्क कोटि वंदन बहे सरिता है धरा पल्लवित मग पुनिता कुँजती पिक लगे मनभावन द...
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दाई के कोरा हे धान के कटोरा तिहार पोरा... सोहय धान छत्तीसगढ़हीन बेटा किसान... कौशल राज ननिहाल राम के नाचव आज... नवा अंजोर जगमगात ग...