घर घर मा परत हे रोना
पूरगे साल घलो एसो दीदी
भागत नंइहे कोरोना....
का बइरी जग मा रोग हमाहे
घर-घर मा परत हे रोना...
कोन जनी कते जग ले आहे
संग मा अपन आफत लाहे
नान्हे बड़के मनखे नंइ चिन्हे
गली मुहल्ला चँउक चौराहे
फिक्कर मा हावय सरी दुनिया
कइसन हे आहे पदोना...
का बइरी जग मा रोग हमाहे
घर-घर मा परत हे रोना....
घर में राहव सब बढ़िहा राहव
खुद ला बचाके सबला बचावव
जिनगी ला बने राखव रे संगी
कोरोना के वेक्सीन लगावव
मुँह मा मास्क लगालव भइय्या
साबुन मा हाथ ला धोना....
का बइरी जग मा रोग हमाहे
घर-घर मा परत हे रोना....
जिनगी बड़ा अनमोल गावव
सुरक्षा अउ सावधानी अपनावव
कोरोना ला दूर भगाये खातिर
दू गज दूरिहा दूरी बनावव
जग-जग बगरय शोर तोषण
चारो मुड़ा चारो कोना....
का बइरी जग मा रोग हमाहे
घर-घर मा परत हे रोना....
रचनाकार
तोषण कुमार चुरेन्द्र
सरपंच, धनगाँव
डौंडी लोहारा बालोद
छ.ग 491771
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