गुरुवार, 6 मई 2021

कोरोना रोकथाम स्लोगन

कोरोना स्लोगन दीवाल लिखने के लिए
संगी सबो  मास्क लगावव ।
कोरोना ला दूरिहा भगावव।

साबुन ले तुम धोवव हाथ।
सेनेटाइजर ल राखव साथ।

घर ले निकलव बाहिर झन।
बने राखव जी तन अउ मन।

गरम पानी के पान करव।
गाँठ बांध के बात धरव।

दू गज दूरी सब अपनावव।
कोरोना ला दुरिहा भगावव।

बहकावा झन तुम आवव।
कोविड वैक्सीन लगावव।

मन में राखव एके बात।
दुरी बनाके हो मुलाकात।

रोग राई के करव ईलाज।
अस्पताल मा तुरते आज।

🖋️तोषण चुरेन्द्र धनगांव
डौंडी लोहारा बालोद छ.ग

बुधवार, 5 मई 2021

बेटी की बेटी हूँ

एक बेटी का एक माँ के लिए अल्फाज
👇👇👇👇👇👇👇👇
कहते हैं लोग तेरी परछाई हूँ मैं।
मेरी माँ तू पहले फिर आई हूँ मैं।
👇👇👇👇👇👇👇👇
तन का लहू तेरे मुझमें बह रही,
हाथों से  सेकी  रोटी खाई हूँ मैं।
👇👇👇👇👇👇👇👇
चलना सिखाया अंगुली पकड़े,
लगादो  मरहम  चोट लाई हूँ मैं।
👇👇👇👇👇👇👇👇
ढाल  बनकर  साथ रही हमेशा,
जब  खुद  को  तन्हा पाई हूँ मैं।
👇👇👇👇👇👇👇👇
सीना गर्व से  फूल जाता है माँ,
लगता है स्वयं लक्ष्मी बाई हूँ मैं।
👇👇👇👇👇👇👇👇
महिषा रक्तबीज हजारों यहां है,
संघारिणी दुर्गा काली माई हूँ मैं।
👇👇👇👇👇👇👇👇
बेटी की बेटी हूँ जहान में आके,
हर घर की खुशी पहुनाई हूँ मैं।
👇👇👇👇👇👇👇👇
देखो थके नही अब ये "तोषण"
कलम की उसकी रानाई हूँ मैं।
👇👇👇👇👇👇👇👇
तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगांव डौंडी लोहारा
बालोद छ.ग.

शनिवार, 1 मई 2021

राशन पानी

हावा पानी कहा ले पाबो

रूख राई डोंगरी पहाड़ी रोवत हे पुरजोर...
हावा पानी कहाँ ले पाबो करलव भैय्या शोर....

पेड़ लगावव जिनगी बचावव
धरती दाई के प्यास बुझावव
नदिया नरवा सूख्खा परगे,
अब तो थोरिक चेत लगावव

गली मुहल्ला सुन्ना परगे सुन्ना होगे गा खोर....
हावा पानी कहाँ ले पाबो करलव भैय्या शोर....

कोरोना के कहर चलत हे
मनखे तभो ले नइ चेतत हे
सेंफो सेंफो जीव हर करथे,
आक्सीजन ह कम परत हे

कइसन बिपत के छाहे बादर ये घनघोर....
हावा पानी कहाँ ले पाबो करलव भैय्या शोर....

मनखे पीछू रूख ल लगावव
जल  जमीन  जंगल बचावव
जल हे तब कल हे गा भैय्या,
यहू बात ल सब ला बतावव

सावन मा बरसही पानी झूमही नाचही मोर....
हावा पानी कहाँ ले पाबो करलव भैय्या शोर....


तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगांव डौंडी लोहारा

घर घर परत हे रोना

घर घर मा परत हे रोना

पूरगे साल घलो एसो दीदी
भागत नंइहे कोरोना....
का बइरी जग मा रोग हमाहे 
घर-घर मा परत हे रोना...

कोन जनी कते जग ले आहे
संग मा अपन आफत लाहे
नान्हे बड़के मनखे नंइ चिन्हे
गली मुहल्ला चँउक चौराहे
फिक्कर मा हावय सरी दुनिया
कइसन हे आहे पदोना...
का बइरी जग मा रोग हमाहे 
घर-घर मा परत हे रोना....

घर में राहव सब बढ़िहा राहव
खुद ला बचाके सबला बचावव
जिनगी ला बने राखव रे संगी
कोरोना के वेक्सीन लगावव
मुँह मा मास्क लगालव भइय्या
साबुन मा हाथ ला धोना....
का बइरी जग मा रोग हमाहे 
घर-घर मा परत हे रोना....

जिनगी बड़ा अनमोल गावव
सुरक्षा अउ सावधानी अपनावव
कोरोना ला दूर भगाये खातिर
दू गज दूरिहा दूरी बनावव
जग-जग बगरय शोर तोषण
चारो मुड़ा चारो कोना....
का बइरी जग मा रोग हमाहे 
घर-घर मा परत हे रोना....

रचनाकार
तोषण कुमार चुरेन्द्र
सरपंच, धनगाँव
डौंडी लोहारा बालोद
छ.ग 491771

विशिष्ट पोस्ट

शिवनाम

राम जपय शिवनाम को,शंकर हा श्री राम। राम नाम सब मन जपव,बनही बिगड़े काम। बनही बिगड़े काम,राम शिव संगी मितवा। करथे बेड़ा पार,बने जी सब...