मन म बसाले सिया राम ल...
संगी बिगड़े बनाही सबके काम ल...
1
तरगे अवधपुरी,रानी कौशिल्या ह
गोड़ के धुर्रा ले,उबरे अहिल्या ह
मरा मरा जपो हरि नाम ल...
2
शबरी दाई संग, गिधवा ल तारे
बनके मितान प्रभु,बाली ल मारे
झटकुन पहुंचे हरिधाम ल.....
3
काकभुशुण्डि घलो, गुणे ल गावय
बइठे गरुड़ जी ह, शोर ल लमावय
नारद जपय सुबे शाम न...
4
ये कलजुग म संगी, नाम ह सार हे
भजले राम ल ग, तोर बेड़ा पार हे
लागे नहीं कुछु दाम ल...
तोषण चुरेन्द्र दिनकर
धनगाँव डौंडी लोहारा
बालोद छ.ग.
6267538036
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