गव इय्या होते ता गवातेंव तोला जी
भज इय्या होते ता भजातेंव जी
जाए के बेरा संगी रे सियाराम गाले ना
नौ महिना ले दाई के कोख मा
उल्टा रेहे टँगाये
राम नाम ला जपहूँ कहिके
वादा करके आये
मन इय्या होते ता मनातेंव तोला जी
सुन इय्या होते ता सुनातेंव जी
जाए के बेरा संगी रे सियाराम गाले ना
रूपिया पइसा महल अटारी
सब इँहिचे रही जाही
दाई ददा कुटुंब कबीला
संग कोनों नंइ जाही
गुन इय्या होते ता गुनातेंव तोला जी
भज इय्या होते ता भजातेंव जी
जाए के बेरा संगी रे सियाराम गाले ना
तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगंइहा
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