रहे सदा जो नेह,मुझ पर दीनानाथ की।
बरसे निशदिन मेह,आप सभी के साथ की।।
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शिवनाम
राम जपय शिवनाम को,शंकर हा श्री राम। राम नाम सब मन जपव,बनही बिगड़े काम। बनही बिगड़े काम,राम शिव संगी मितवा। करथे बेड़ा पार,बने जी सब...
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वफा तो हम करते रहे जहान में अपनों से, किसी ने जफा की और किसी ने बेवफाई। -आचार्य तोषण -आचार्य ...
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सुराज के पता नइहे गरमे गरम सूरज आवत हे। जेठ बइसाख सही चइत मा आके लू झपावत हे। खोजय छंइहा गांव जवइय्या घाम म सेंकावत हे। आही सुराज एक दि...
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महूं ह कतेक मजबूर हंव। मितवा तोरले गजब दूर हंव। बिछड के जहुरिया तोर ले फुटहा दरपन सही चुर चुर हंव। आचार्य तोषण
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