दिन बीते न रैना,
आवे न दिल को चैना
आजा मोरे बालमा,
करले प्रीत के बैना
जब न देखू साँवरा सूरत,
दिन नही मेरी ढलती
बनके सूरज नभ मे आजा,
राह रहूँगी तकती
जल्दी आना प्रियतम मेरे,
थक न जाए नैना....
भूख प्यास मुझे लगे नही,
बस मिलने की आस
तन्हाई में बातें करती,
लगे कि तुम हो पास
तुझको मन की तोता मानूँ,
खुद को तेरी मैना....
तोषण कुमार चुरेद्र
"धनगंइहा"
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