दही चुराने माखन खाने
जन्म लिये हैं कृष्ण कन्हाई।
नटवर नागर सुख के सागर
जन्म दिवस पर लाख बधाई।
पापी को मारे संत उबारे
समरांगण गीता ज्ञान सुहाई।
मातु यशोदा नंद बाबा
हलधर तेरे बड़के भाई।
मित्र सुदामा के झोली भरे तुम
खुशियाँ सारी मंगल आये।
घर घर दीप जलाए गोपी
सभी जन मिलके सोहर गाये।
दीन दुखियन के त्रास हरे
प्रभु तीनों तिलोक जग हर्षाये।
आजा नटवर लाज बचाने
कलयुगी द्रोपदी ये गोहराये।
तोषन धनगंइहा
डौंडी लोहारा
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