गुरुवार, 12 सितंबर 2019

पेड़

🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴
।।चौपाई।।
🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴
पेड़
🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴
पंछी डाले अपना डेरा।
आते जाते साँझ सवेरा।
🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴
होती तरुवर से हरियाली।
रहती छायी नित खुशहाली।
🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴
शीतल पवनें हमको मिलते।
आँगन सारे बच्चे खिलते।
🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴
सावन में पानी बरसाती।
धरती माता है हरषाती।
🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴
कितने औषधि जिनसे बनते।
रोगी सारे इनसे तनते।
🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴
आओ साथी पेड़ लगाये।
अपना जीवन हम महकाये।
🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴
तोषण कुमार चुरेन्द्र
"धनगंइहा"

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

विशिष्ट पोस्ट

शिवनाम

राम जपय शिवनाम को,शंकर हा श्री राम। राम नाम सब मन जपव,बनही बिगड़े काम। बनही बिगड़े काम,राम शिव संगी मितवा। करथे बेड़ा पार,बने जी सब...