मंगलवार, 5 जनवरी 2021

बिनती तोर करत हँव रामा

बिनती तोर करत हँव रामा आजा भरे दरबार 
दीन दुखिया के लाज रखदे गावय जग संसार

सरयु नदी मा नहाखोर के अगर कपूर जलावँव
पान फूल अऊ नरिहर धरके दंडा पाँव पखारँव
मोर मुड़ी मा हाथ रखदे करदे मोर उदधार
दीन दुखिया के लाज रखदे गावय जग संसार

केंवट भैय्या के पुरखा तरगे गोड़ धोके सुख पाय
राम लखन माता जानकी गंगा ले पार लगाय
लहरा लेवय गंगा मैय्या बीच भँवर मझधार
दीन दुखिया के लाज रखदे गावय जग संसार

पक्षी राज जटायु ल तारे शबरी के बोईर खावय
भवसागर ले पार करेबर नवधा भगति सुनावय
अमृत असन लागे रामा तोर नवधा के धार
दीन दुखिया के लाज रखदे गावय जग संसार

बैरी बर तै बनथस बैरी दुखिया के मीत मितान
अन्यायी बाली ल रामा खींच के मारे बान
तोर दया ले आज गावत हँव मैं रमायन सार
दीन दुखिया के लाज रखदे गावय जग संसार

©opy®ight
तोषण चुरेन्द्र दिनकर
धनगाँव डौंडी लोहारा
बालोद छत्तीसगढ़

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

विशिष्ट पोस्ट

शिवनाम

राम जपय शिवनाम को,शंकर हा श्री राम। राम नाम सब मन जपव,बनही बिगड़े काम। बनही बिगड़े काम,राम शिव संगी मितवा। करथे बेड़ा पार,बने जी सब...