सोमवार, 2 अप्रैल 2018

बागान

बागान

खिलता पुष्प
धरा के बागान में---
झूमते पक्षी.

बागान देख
नाचे मन मोर है---
बावरी होके.

आते तितली
सतरंगी बाग में--
मनवा लागे.

हुआ सवेरा
मुस्कुराता बागान---
कलियाँ देख

तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगाँव डौंडी लोहारा
बालोद छ. ग.

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