पेड़ लगाबो...
आवौ भइय्या पेड़ लगाबो
जीनगी ल खुशहाल बनाबो।
आवौ भइय्या पेड़ लगाबो
जीनगी ल खुशहाल बनाबो।
पेड ले होथे जग हरियारी
दिन जस होरी रात देवारी
रूख राई ल देख देखके
भरजथे आंखी ए कारी
अपन भविस ल हमी बचाबो
आवौ भइय्या पेड लगाबो।।
कारखाना के गुंगवा ले
परियावरन ह होवय खराब
आज्जे हमर पारी हे भइय्या
फेर कब सोंचबोन जनाब
अपन जीनगी ल खुदे बचाबो
आवौ भइय्या पेड़ लगाबो।।
पेड़ के आज कटाई रोकव
जेखर बरखा आथे
जगा सबे हा सुंदर दिखै
देख हरियारी छा जाथे
ए भुइंय्या ल हरियाबो
आवौ भइय्या पेड़ लगाबो।।
-आचार्य तोषण
दिन जस होरी रात देवारी
रूख राई ल देख देखके
भरजथे आंखी ए कारी
अपन भविस ल हमी बचाबो
आवौ भइय्या पेड लगाबो।।
कारखाना के गुंगवा ले
परियावरन ह होवय खराब
आज्जे हमर पारी हे भइय्या
फेर कब सोंचबोन जनाब
अपन जीनगी ल खुदे बचाबो
आवौ भइय्या पेड़ लगाबो।।
पेड़ के आज कटाई रोकव
जेखर बरखा आथे
जगा सबे हा सुंदर दिखै
देख हरियारी छा जाथे
ए भुइंय्या ल हरियाबो
आवौ भइय्या पेड़ लगाबो।।
-आचार्य तोषण

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