भरे गरमी मंझनिया बबा,चटले भोंभरा जनाय।
पटवा भाजी जिर्रा चटनी कोदइ बासी सुहाय।।
गरब गुमान न कीजै, सकल मान घट जाय।
शीश सबन को दीजै, अपन मान बढ़ जाय।।
आचार्य तोषण
पटवा भाजी जिर्रा चटनी कोदइ बासी सुहाय।।
गरब गुमान न कीजै, सकल मान घट जाय।
शीश सबन को दीजै, अपन मान बढ़ जाय।।
आचार्य तोषण
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