होत बिहनिया भुंइया मा सुरूज ह अंजोर बगरात हे।
एखर सेवा म जुट जावव
सुघर संदेसा पहुंचात हे।।
धरले बासी पताल चटनी
भुंइया के सेवा करेबर।
हरिहर सोनहा बाली के
निंदई कोड़ई करेबर।
हरियाय सुघर धान खेत मा
लहर लहर लहरावय।
झुमै नाचय मन हा संगी
खुसी के गीत ला गावय।
करिया बादर सुख के गागर
रिमझिम बरसय पानी।
फागून के रंग मा सनाय
जइसे लागय जिनगानी।
सबो डाहर छाहे हरियारी
भुंइहा भाग संवरात हे।
इही खुशी मा मोरो मन हा
फूलय नही समात हे।।
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