गुरुवार, 7 जुलाई 2016

सुघर एसो होरी में।

अबीर गुलाल लगाबो सबला
सुघर एसो होरी में।
एक दुसर ल बांध के चलबो
मया पीरीत के डोरी में।।

आस अऊ बिसवास के
भाव सुघर बने रहय।
रंग भरे संसार म सब
सरभर ले रंगे रहय।।

झन रहय कोनो बैरी दुश्मन
एक दुसर के मितान बनय।
अमन शांति संदेश देवइय्या
एक घांव हिन्दुस्थान बनय।।

भेदभाव के खोचका पाटव
होरी के हे अतरी शोर।
कहत हवय आचार्य तोषण
बधई शुभकामना लेलव मोर।।
-आचार्य तोषण
ग्राम-धनगांव, डौंडीलोहारा
बालोद छ. ग.४९१७७१
मो.९६१७५८९६६७

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

विशिष्ट पोस्ट

शिवनाम

राम जपय शिवनाम को,शंकर हा श्री राम। राम नाम सब मन जपव,बनही बिगड़े काम। बनही बिगड़े काम,राम शिव संगी मितवा। करथे बेड़ा पार,बने जी सब...