अबीर गुलाल लगाबो सबला
सुघर एसो होरी में।
एक दुसर ल बांध के चलबो
मया पीरीत के डोरी में।।
सुघर एसो होरी में।
एक दुसर ल बांध के चलबो
मया पीरीत के डोरी में।।
आस अऊ बिसवास के
भाव सुघर बने रहय।
रंग भरे संसार म सब
सरभर ले रंगे रहय।।
भाव सुघर बने रहय।
रंग भरे संसार म सब
सरभर ले रंगे रहय।।
झन रहय कोनो बैरी दुश्मन
एक दुसर के मितान बनय।
अमन शांति संदेश देवइय्या
एक घांव हिन्दुस्थान बनय।।
भेदभाव के खोचका पाटव
होरी के हे अतरी शोर।
कहत हवय आचार्य तोषण
बधई शुभकामना लेलव मोर।।
-आचार्य तोषण
ग्राम-धनगांव, डौंडीलोहारा
बालोद छ. ग.४९१७७१
मो.९६१७५८९६६७

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