चिरई के चींव चींव सही चहकत रहिथे बेटी।
बगिया म हजारों फूल सही महकत रहिथे बेटी।
बेटा ह एक्के कुल ला करे उजागर भइय्या
दुनो कुल ला सूरूज बन उजागर करत रहिथे बेटी।
बगिया म हजारों फूल सही महकत रहिथे बेटी।
बेटा ह एक्के कुल ला करे उजागर भइय्या
दुनो कुल ला सूरूज बन उजागर करत रहिथे बेटी।
आचार्य तोषण
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