देखना तोर बनाए रंग बिधाता,आज बेरंग होवत हे
नक्सली करिया रंग के कारन, रंग में भंग होवत हे
कोख उजडय महतारी मन के,अउ टुरा रोवत हे
सजनी अपन छंइया बर,छाती चिर के रोवत हे...
तोर बिंदराबन धाम म ,मथुरा कस हुडदंग होवत हे
नक्सली करिया रंग के......
सतयुग त्रेता द्वापर म कान्हा,राकछत के संघार करे
कलजुगी दानव ल मारेबर, कहीं कोनों उपाय करे
हमर सुघर फुलवारी के ,बड नास सरभंग होवत हे.
नक्सली करिया रंग के......
का रंग लगाहु अब मैं तोला,सब रंग ह लाल होगे
नक्सली दानव कारन ,छत्तीसगढ के जंजाल होगे
इंखर समूल बिनास बर,फेर ले जबर लेवव तरंग
नक्सली करिया रंग के.......
✒तोषण कुमार चुरेन्द्र✒
९६१७५८९६६७
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