रविवार, 23 जून 2019

गोरी तोर सुरता

गोरी ओ तोर सुरता मा सावन कस नैना बरसे ना
दुरिहा मा हावस चंदा बरोबर हिरदे तोर बर तरसे ना

मया के रोग लगाके तै मोला ओ बिलमाये
आनी बानी के सपना देखाके कांहा तै भुलाये
भादो महिना के बदरा कस बिन पानी के गरजे ना
दुरिहा,,,,,,,,

तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगांव डौंडी लोहारा

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