वाटसप अउ थोथनापोथी
रहिथे धियान तोर कोती
चिंता रहे सब मितान के
का भेजे हवय बिहान के
कोनो गुडमार्निग कहिथे
कतको झन सुते रहिथे
फोटू दिखथे आनी बानी
कते दादा कतको नानी
सही बात के शोर नंइहे
सबके दुख ल कोन कंइहे
का होवय अब संसार में
तोर मोर घर दुवार में
आवन सुख दुख ल बांटन
जंगल झारी लहुआ लाटन
सुमरन कलरव रामके
होवत बिहना सांझ के
//जय श्री राम जय श्री राधे//
तोषण कुमार चुरेन्द्र
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