दोहा गीत
======================
लाज सभा मा राखले,राहँव सबके मीत।
तोर दया ले आज मैं,गावत हावँव गीत।।
======================
आगे दिन नवरात के,रिगबिग चमके जोत।
हाँसत घर मा जात हे,आथे जेहर रोत।।
रखबे मुड़ मा हाथ तै,दया मया पीरीत।
तोर दया ले आज मैं,गावत हावँव गीत।।
======================
करे भगत गोहार सुन,बाढ़त हावय पाप।
छलकत गघरी देख तै,आजा लेबर नाप।।
पीरा हरले भगत के,सत के होवय जीत।
तोर दया ले आज मैं,गावत हावँव गीत।
======================
दुर्गा दाई रूप नौ,सबके मनला भाय।
जय माता की संग मा,जय जयकार लगाय।।
तोषण दिनकर हे भजे,साँझ बिहान सुखीत।
तोर दया ले आज मैं,गावत हावँव गीत।।
======================
तोषण चुरेन्द्र दिनकर
धनगांव, डौंडी लोहारा
बालोद छ.ग.
======================
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें