मंगलवार, 22 अगस्त 2017

दही लूट

१.
दही लूट बर हे मचे,अड़बड़ धूम धड़ाम।
ग्वाल बाल सब संग में,आगू हे घनश्याम।।

२.
दही लूट के बात सुन,मुँह में पानी आय।
चलव-चलव हम आज सब,चलन दही चोराय।।

३.
चोरावय मखना दही,वासु देवकी लाल।
गोप ग्वाल के संग में,लीला करय कमाल।।

तोषण कुमार चुरेन्द्र

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