घूंट कड़वा इश्क़ का अब पीया नहीं जाता।
बिना तेरे दीदार के अब जीया नहीं जाता।
कटेंगे कैसे यूं पल पल हर दिन ऐ तोषण,
तन्हाई में बेचैन दिल अब सीया नहीं जाता।
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