बुधवार, 9 जनवरी 2019

अनूठा

प्रदत्त शब्द-अनूठा, अनुपम,अनोखा,अजब
आधारित दोहा सादर अभिवादन के साथ संप्रेषित

1.
अनुपम  तेरी  है  दशा , अनुपम  तेरी  रीत।
बिन  तेरे  दीदार  से , कैसे होगी  प्रीत।।

2.
प्रेम  अनूठा  जानिए , गढ़ता  जो  इतिहास।
मीरा  तुलसी  बन चलें , जीवन  हो  मधुमास।।

3.
अजब  - गजब  है  प्रेम  ये, हर  लेती  है  प्राण।
मन  को  करता  वश में  , नैनों  की  ये  बाण।।

तोषण कुमार चुरेन्द्र

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