प्रदत्त शब्द-अनूठा, अनुपम,अनोखा,अजब
आधारित दोहा सादर अभिवादन के साथ संप्रेषित
1.
अनुपम तेरी है दशा , अनुपम तेरी रीत।
बिन तेरे दीदार से , कैसे होगी प्रीत।।
2.
प्रेम अनूठा जानिए , गढ़ता जो इतिहास।
मीरा तुलसी बन चलें , जीवन हो मधुमास।।
3.
अजब - गजब है प्रेम ये, हर लेती है प्राण।
मन को करता वश में , नैनों की ये बाण।।
तोषण कुमार चुरेन्द्र
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