*बाबा शिव शंखर के धाम...*
(लड़का)
चल ना जाबो दुनो झन मंगलू के दाई
शिव शंखर के धाम
(लड़की)
चल ना जाबो दुनो झन बुधिया के बाबू
शिव शंखर के धाम...
(संयुक्त)
बेलपाना अउ धथरा चढ़ाके बना लेबो बिगड़े काम....
(लड़का)
सावन महिना भोले बाबा के मन ला गजब सुहाथे ना
हाथ मा डमरू तिरशुल साजे सबके मन ला भाथे ना
आसन लगाये धुनी रमाये गाँजा पियइ हे काम
चल ना जाबो दुनो झन मंगलू के दाई
शिव शंखर के धाम
(लड़की)
गंगा के पानी धरे कंवरिया अवघड़िया ल मनावय
बोल बम बोल बम बोल के नारा जयकारा ल लगावय
लागे ना भूख पियास रे संगी नइ लागे अउ घाम
चल ना जाबो दुनो झन बुधिया के बाबू
शिव शंखर के धाम
(लड़का)
उत्तर दक्षिण पूरब पश्चिम बाबा के हावय धाम
चल रे कंवरिया शिव के गुजरिया करले कोटि प्रणाम
भजले तैहा घड़ी दू घड़ी बिहना मंझनिया शाम
चल ना जाबो दुनो झन मंगलू के दाई
शिव शंखर के धाम
(लड़की)
पारबती दाई तोरे सुवारी पूजय बनके पुजारी
मोरो तँय बेड़ा पार करदे आए हँव मँय दुखियारी
शुभ लाभ तोरे घर दीया,बेटा गनेशे नाम
आगेन आगेन दुनो झन बुधिया के बाबू
शिव शंखर के धाम
(संयुक्त)
पागेन पागेन दुनो झन मंगलू के दाई/बुधिया के बाबू
शिव शंखर के नाम
तोषण धनगंइहा
धनगाँव डौंडी लोहारा
बालोद
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