गुरुवार, 4 जुलाई 2019

पीरीत

तोर बर पीरीत रे,मोर मन के मीत रे,
तोला मँय अगोरँव,आना तै बजार में।
तोर जस नंइ कोनों,रबो संग संग दुनों,
जोड़ी तोर मोरहावै,करोड़ हजार में।
झन छोड़ मोला जाबे,मोर सही कहाँ पाबे,
फूल मैं गुलाब अँव,गुल गुलजार में।
सावन मा नाचे मोर,हाय रे मयारू चोर,
दिल मोर हासे रोये,तोर ओ खुमार में।

तोषण कुमार चुरेन्द्र
9617589667

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