गुरुवार, 17 मई 2018

तुझसे ही

तुझसे ही मेरी सुबह है तुझसे ही मेरी शाम है
तुम ही हो जिन्दगी में मेरी लब पे तेरा नाम है.
छोड़ न जाना मुझे कभी मझधार में ए खुशी,
तुझसे ही करता रहूँ प्यार मैं यही मेरा काम है.

तोषण कुमार चुरेन्द्र

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