शनिवार, 26 मई 2018

क्यों है..

मेरी तन्हाईयों में तेरी याद  आती क्यों है.
मेरे जख़्में दिल को तड़पाती क्यों है.
बहते रहते हैं मेरी आँख से आँसू हमेशा,
नसीब मेरा तुझे मुझसे छुपाती क्यों है.

तोषण कुमार चुरेन्द्र

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