मंगलवार, 15 मई 2018

दोहा

करनी कथनी एक हो,बांट न बिरथा ज्ञान।
करता है उपकार जो, जग में वही महान।।

प्यासे को पानी मिले,भोजन करे समान।
सबका जीवन हो सुखी, जानो संत सुजान।।

तोषण कुमार चुरेन्द्र

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