मंगलवार, 27 मार्च 2018

अना है सब में

🌺🌷अना है सब में🌷🌺

मुहब्बत का सागर बसा है
सब में
मत भूलो थोड़ी सी अना* है
सब में

वफ़ा के बदले वफ़ा चाहते
हैं लेकिन
जफा** का घर भी सजा है
सब में

खुशी की चाहत , गमों से नफरत
है मगर
इस जज्बात के पीछे कौन चला है
सब में

जो भी चाहते हैं कर सकते
हैं मगर
डर खुदा का हर पल पला है
सब में

सबको सिर्फ नेकी की राह
चलना है "राकेश"
नेकी-बदी बतानेवाला बसा है
सब में...✍🏼
* अहम ,ईगो
** बेवफाई
_🌺राकेश कुमार मिश्रा🌺_

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